गंगा दशहरा : आस्था, संस्कृति और पवित्रता का महापर्व
भारत त्योहारों और धार्मिक परंपराओं का देश है। यहां हर पर्व का अपना धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व होता है। इन्हीं पावन पर्वों में एक प्रमुख पर्व है गंगा दशहरा । यह पर्व ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में गंगा नदी को केवल एक नदी नहीं, बल्कि मां का दर्जा दिया गया है। गंगा दशहरा का दिन मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व श्रद्धा, आस्था, भक्ति और पुण्य का संदेश देता है। इस दिन लोग गंगा स्नान, पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक कार्य करके अपने जीवन को पवित्र बनाने का प्रयास करते हैं। गंगा दशहरा का अर्थ ‘गंगा दशहरा’ शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है— गंगा और दशहरा । यहां ‘दश’ का अर्थ है दस और ‘हरा’ का अर्थ है नाश करना । मान्यता है कि इस दिन मां गंगा में स्नान करने और पूजा करने से मनुष्य के दस प्रकार के पापों का नाश हो जाता है। इसलिए इसे गंगा दशहरा कहा जाता है। यह पर्व व्यक्ति को आत्मशुद्धि, सदाचार और पुण्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। गंगा के पृथ्वी पर आने की कथा गंगा दशहरा से जुड़ी एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है...