महात्मा बुद्ध: शांति और अहिंसा के अग्रदूत | Gautam Buddha Biography Hindi
भारत की पावन भूमि पर अवतरित हुए करुणा और ज्ञान के प्रतीक
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| महात्मा बुद्ध |
भारत भूमि को देवों और महापुरुषों की धरती कहा जाता है। इस पवित्र भूमि पर अनेक सत्यवादी, त्यागी और महान आत्माओं ने जन्म लेकर मानवता को दिशा दी। इसी तपोभूमि में महात्मा गौतम बुद्ध का अवतरण हुआ, जिन्होंने संसार को शांति, अहिंसा और करुणा का मार्ग दिखाया।
जब महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ, उस समय भारत अशांति, हिंसा, अंधविश्वास और कुरीतियों से ग्रस्त था। ऐसे दौर में बुद्ध का आगमन एक युग परिवर्तन लेकर आया।
महात्मा बुद्ध का जन्म और बचपन
महात्मा बुद्ध का बचपन का नाम सिद्धार्थ था। उनका जन्म 569 ईसा पूर्व में लुंबिनी (वर्तमान नेपाल) में हुआ। वे क्षत्रिय कुल के राजा शुद्धोदन के पुत्र थे। उनकी माता का नाम महारानी महामाया था, जिनका निधन पुत्र जन्म के सात दिन बाद हो गया।
सिद्धार्थ का पालन-पोषण उनकी मौसी गौतमी ने किया। ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी कि यह बालक या तो चक्रवर्ती सम्राट बनेगा या फिर महान संत। यह सुनकर राजा शुद्धोदन चिंतित हो गए और उन्होंने सिद्धार्थ को सांसारिक सुखों में बांधे रखने का प्रयास किया।
वैराग्य की ओर बढ़ता सिद्धार्थ
राजमहल की सुख-सुविधाओं के बावजूद सिद्धार्थ का मन उनमें नहीं रमा। वे बचपन से ही करुणामय, गंभीर और विचारशील थे। जीवन की सच्चाई जानने की उनकी जिज्ञासा गहरी थी।
एक दिन भ्रमण के दौरान उन्होंने वृद्ध, रोगी और मृत व्यक्ति को देखा। इससे उन्हें जीवन की नश्वरता का बोध हुआ। यही वह क्षण था जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।
रात्रि के समय वे पत्नी यशोधरा और पुत्र राहुल को सोता छोड़कर वन की ओर निकल पड़े।
तपस्या से मध्यम मार्ग तक
वन में सिद्धार्थ ने कठोर तपस्या की, जिससे शरीर दुर्बल हो गया, लेकिन मन को शांति नहीं मिली। तब उन्होंने मध्यम मार्ग अपनाया।
अंततः वे बिहार के गया पहुंचे और एक पीपल के वृक्ष के नीचे ध्यान में लीन हो गए। यहीं उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और सिद्धार्थ से वे बुद्ध बन गए। यह वृक्ष आज बोधिवृक्ष के नाम से प्रसिद्ध है।
पहला उपदेश और बौद्ध धर्म का विस्तार
ज्ञान प्राप्ति के बाद महात्मा बुद्ध सारनाथ पहुंचे, जहां उन्होंने अपने शिष्यों को पहला उपदेश दिया। इसके बाद उन्होंने जीवनभर देश-विदेश में भ्रमण कर धर्म, करुणा और अहिंसा का संदेश दिया।
वे एक बार कपिलवस्तु भी लौटे, जहां यशोधरा ने पुत्र राहुल को भिक्षा स्वरूप उन्हें सौंप दिया।
80 वर्ष की आयु में महात्मा बुद्ध ने महापरिनिर्वाण प्राप्त किया।
बौद्ध धर्म का विश्व में प्रसार
महात्मा बुद्ध के उपदेशों से प्रभावित होकर अनेक राजा और आमजन उनके अनुयायी बने। इन्हें बौद्ध कहा गया।
सम्राट अशोक, कनिष्क और हर्ष जैसे शासकों के संरक्षण में बौद्ध धर्म भारत से बाहर
श्रीलंका, बर्मा, सुमात्रा, जावा, चीन, जापान, तिब्बत सहित कई देशों में फैला।
भगवान बुद्ध के अनमोल विचार
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सभी गलत कार्यों की जड़ मन होता है, मन शुद्ध हो जाए तो कर्म भी शुद्ध हो जाते हैं।
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क्रोध की सजा नहीं मिलती, बल्कि क्रोध में किए गए कर्मों की सजा मिलती है।
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घृणा को घृणा से नहीं, केवल प्रेम से ही समाप्त किया जा सकता है।
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बीते हुए समय में उलझना और भविष्य की चिंता छोड़कर वर्तमान में जीना ही सुख का मार्ग है।
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ईर्ष्या करने वाला व्यक्ति कभी मन की शांति प्राप्त नहीं कर सकता।
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सत्य के मार्ग पर दो ही गलतियाँ होती हैं – शुरुआत न करना या रास्ता पूरा न करना।
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सच्ची खुशी अधिक पाने में नहीं, बल्कि अधिक देने में है।
सभी गलत कार्यों की जड़ मन होता है, मन शुद्ध हो जाए तो कर्म भी शुद्ध हो जाते हैं।
क्रोध की सजा नहीं मिलती, बल्कि क्रोध में किए गए कर्मों की सजा मिलती है।
घृणा को घृणा से नहीं, केवल प्रेम से ही समाप्त किया जा सकता है।
बीते हुए समय में उलझना और भविष्य की चिंता छोड़कर वर्तमान में जीना ही सुख का मार्ग है।
ईर्ष्या करने वाला व्यक्ति कभी मन की शांति प्राप्त नहीं कर सकता।
सत्य के मार्ग पर दो ही गलतियाँ होती हैं – शुरुआत न करना या रास्ता पूरा न करना।
सच्ची खुशी अधिक पाने में नहीं, बल्कि अधिक देने में है।
महात्मा बुद्ध पर प्रश्न–उत्तर (FAQ)
प्रश्न 1: महात्मा बुद्ध कौन थे?
उत्तर: महात्मा बुद्ध शांति, अहिंसा और करुणा के महान उपदेशक थे। उन्होंने बौद्ध धर्म की स्थापना की और मानवता को मध्यम मार्ग दिखाया।
प्रश्न 2: महात्मा बुद्ध का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: महात्मा बुद्ध का जन्म 569 ईसा पूर्व लुंबिनी में हुआ था, जो वर्तमान में नेपाल में स्थित है।
प्रश्न 3: महात्मा बुद्ध का बचपन का नाम क्या था?
उत्तर: महात्मा बुद्ध का बचपन का नाम सिद्धार्थ था। गौतम उनके गोत्र का नाम था।
प्रश्न 4: महात्मा बुद्ध ने राजपाट क्यों छोड़ा?
उत्तर: जीवन के दुख, रोग, वृद्धावस्था और मृत्यु को देखकर उन्होंने संसार के सत्य को जाना और ज्ञान की खोज में राजपाट छोड़ दिया।
प्रश्न 5: महात्मा बुद्ध को ज्ञान कहाँ प्राप्त हुआ?
उत्तर: बिहार के गया में बोधिवृक्ष के नीचे ध्यान करते समय उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई।
प्रश्न 6: बुद्ध का पहला उपदेश कहाँ दिया गया था?
उत्तर: महात्मा बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया था।
प्रश्न 7: बौद्ध धर्म का प्रसार कैसे हुआ?
उत्तर: सम्राट अशोक, कनिष्क और हर्ष जैसे राजाओं के संरक्षण से बौद्ध धर्म भारत सहित कई देशों में फैला।
प्रश्न 8: महात्मा बुद्ध के मुख्य उपदेश क्या थे?
उत्तर: अहिंसा, प्रेम, करुणा, सत्य, मध्यम मार्ग और वर्तमान में जीना उनके प्रमुख उपदेश थे।
प्रश्न 1: महात्मा बुद्ध कौन थे?
उत्तर: महात्मा बुद्ध शांति, अहिंसा और करुणा के महान उपदेशक थे। उन्होंने बौद्ध धर्म की स्थापना की और मानवता को मध्यम मार्ग दिखाया।
प्रश्न 2: महात्मा बुद्ध का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
उत्तर: महात्मा बुद्ध का जन्म 569 ईसा पूर्व लुंबिनी में हुआ था, जो वर्तमान में नेपाल में स्थित है।
प्रश्न 3: महात्मा बुद्ध का बचपन का नाम क्या था?
उत्तर: महात्मा बुद्ध का बचपन का नाम सिद्धार्थ था। गौतम उनके गोत्र का नाम था।
प्रश्न 4: महात्मा बुद्ध ने राजपाट क्यों छोड़ा?
उत्तर: जीवन के दुख, रोग, वृद्धावस्था और मृत्यु को देखकर उन्होंने संसार के सत्य को जाना और ज्ञान की खोज में राजपाट छोड़ दिया।
प्रश्न 5: महात्मा बुद्ध को ज्ञान कहाँ प्राप्त हुआ?
उत्तर: बिहार के गया में बोधिवृक्ष के नीचे ध्यान करते समय उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई।
प्रश्न 6: बुद्ध का पहला उपदेश कहाँ दिया गया था?
उत्तर: महात्मा बुद्ध ने अपना पहला उपदेश सारनाथ में दिया था।
प्रश्न 7: बौद्ध धर्म का प्रसार कैसे हुआ?
उत्तर: सम्राट अशोक, कनिष्क और हर्ष जैसे राजाओं के संरक्षण से बौद्ध धर्म भारत सहित कई देशों में फैला।
प्रश्न 8: महात्मा बुद्ध के मुख्य उपदेश क्या थे?
उत्तर: अहिंसा, प्रेम, करुणा, सत्य, मध्यम मार्ग और वर्तमान में जीना उनके प्रमुख उपदेश थे।
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